74th Republic Day पर इजिप्ट के प्रेसिडेंट ही चीफ गेस्ट क्यों? भारत को क्या होगा इससे फ़ायदा

74th Republic Day Guest Egypt President: हमारे प्रिय पाठको, आज का हमारा विषय बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आज कि हम इस लेख में रिपब्लिक डे पर Egypt President जोकी चीफ बन कर भारत आ रहे हैं उसको लेकर चर्चा करेंगे। साथ साथ हम आपको दो महत्वपूर्ण बिंदु यहीं पर ही बता देते हैं कि आप सभी जानते होंगे कि मिश्र सिर्फ 170 अरब डॉलर का कर्जदारी के बोझ से दबा हुआ है, जिसके परिणाम स्वरूप 25% महंगाई की दर यहां देखने में आई है। परंतु भारत का Egypt के साथ क्या रिस्ता रहता है हम इस बिंदु को भी विस्तार पूर्वक समझने का प्रयत्न करेंगे। अगर आप इससे संबंधित और जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

74th Republic Day Guest
74th Republic Day पर इजिप्ट के प्रेसिडेंट ही चीफ गेस्ट क्यों? भारत को क्या होगा इससे फ़ायदा

74th Republic Day Guest

गणतंत्र दिवस के इस समारोह पर जो कि नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होगा उसमें मुख्यता अतिथि Egypt के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सिसी होंगे। जैसे आप सभी इस बात से नहीं वाकिफ होंगे कि कोरोना पेंडेमिक के दौरान कई देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी थी. ठीक उसी प्रकार की स्थिति आपको इजिप्ट में भी देखी गई. जिसका आप अनुभव कर सकते हैं कि उसका करीब-करीब दिवाला निकल चुका है. जिससे की कुल विदेशी कर्ज उसका 170 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. इसके साथ साथ मिश्र की महंगाई दर 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

Scholarship 2023-24: हर साल मिलेगी 10 से 20 हजार रूपये की स्कॉलरशिप, जाने आवेदन प्रक्रिया

Bank of Baroda Education Loan 2023: पढ़ाई के लिए लें 20 लाख तक का एजुकेशन लोन- पूरा प्रोसेस हिंदी में

ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में यह सवाल उठना सही है कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकानॉमी बन चुके भारत ने आखिर इतने अहम मौके पर चीफ गेस्ट की हैसियत से (सीसी) को ही क्यों चुना इससे भारत को क्या फायदा होगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस जैसे विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डालने का प्रयत्न करेंगे।

अब्दुल फतह अल सिसी का संक्षिप्त परिचय

इस लेख में हम आपको अब्दुल पाते से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। जिसका आपके लिए जाना बेहद जरूरी है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अब्दुल पाते अलसीसी मिश्र के 16 राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म 19 नवंबर 1954 में हुआ था। वे लगातार सन 2014 से राष्ट्रपति के पद पर विराजमान रहे 2 जून सन 2018 को उन्होंने राष्ट्रपति के कार्य के रूप में अपना दूसरे कार्यकाल की ओर प्रस्थान किया तथा शपथ ली। वे मार्च सन 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित हुए। इससे से पहले वे सन 2014 में देश के राष्ट्रपति के पद पर कार्यरत रहे। सीसी साहब का जन्म 1954 में काहिरा में हुआ था एक युवा व्यक्ति के रूप में मिस्र की सेना में शामिल हुए और मिस्र की सेना के कमांड और स्टाफ कॉलेज में दाखिला लेने से पहले सऊदी अरब में 1 पद पर कार्यरत रहे।

मुख्य कमान पद

हम यहां पर कुछ महत्वपूर्ण पदों पर दृष्टि डालेंगे जो सीजी साहब द्वारा हासिल किए गए 

  • कमांडो 509 मूवी नक्कलाइट्स इन्फेंट्री बटालियन।
  • चीफ ऑफिस स्टाफ 134 बी मैग्नेटाइज इन्फेंट्री ब्रिगेड
  • कमांडर 16v मेकेनाडाई इन्फेंट्री ब्रिगेड
  • चीफ ऑफ स्टाफ मैग्नेटाइज इन्फेंट्री डिविजन।
  • चीफ ऑफ स्टाफ उत्तरी सेना क्षेत्र।
  • उपनिदेशक, सैन्य खुफिया और टोही विभाग।
  • निदेशक, सैन्य खुफिया और टोही विभाग

आप लोगों ने एक गाना सुना होगा ऐसा हुआ है पहली बार 18 व 17 सालों में आप सभी लोग इस बात से अवगत होंगे की पहली बार इतिहास में यह देखने में आया है जब जीप का कोई लीडर गणतंत्र दिवस के समारोह पर स्थित है। देशों में उसकी आबादी सबसे ज्यादा है। इस्लामिक देशों के संगठन ओ आई सी में इजिप्ट आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ सबसे बड़ी आवाज बनकर उभरा है। भारत और चीन के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन स्थापित हुए 75 साल बीत चुके हैं।

RRB ALP Recruitment 2023: 14000+ भर्ती, Salary – 1 लाख़ तक, 4 फ़रवरी से पहले कर ले आवेदन

SSC GD North Region Admit Card Out | SSC GD Admit Card 2023 | Direct Download Link

इतिहास में पहली बार

अरब देशों में भारतीय बहुत बड़ी आबादी में विद्वान है यहां पर इंडियन डायस्पोरा ना‌ सिर्फ मजबूत है बल्कि उसका सम्मान भी किया जाता है। सऊदी अरब और यूएई के बाद अब भारत पूरे अरब वर्ल्ड में खास बनता दिख रहा है।

सभी गल्फ कंट्रीज जिसमें विशेष तौर पर सऊदी अरब, यूएई और बेहरीन से भारत के बहुत अच्छे संबंध रहे. जिसमें इजिप्ट से भी काफी हद तक रिश्ता विद्वान रहा है। परंतु भारत में खाड़ी देशों में बड़ी मिलिट्री आईटी और टेक्नो पावर से बन सकता है। यहां पर चीन भी पैर पसारने की भरपूर कोशिश कर रहा है जबकि अमेरिका और यूरोप के देश यह चाहते हैं कि यहां पर भारत अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। जिससे कि उनके रिश्तो में एक घनिष्ठ संबंध स्थापित होगा।

इजिप्ट के मुश्किल समय में भारतीयों का सहयोग

प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक भारत तक भारत अपने सहयोग की विशेषता के लिए हमेशा जाना जाता रहा है. यह हमारे देश की खासियत है कि भारत ने उन देशों को अपना सहयोग प्रत्येक समय दिया है, जब उनको भारत की जरूरत हुई। कहा जाता है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है ऐसा फिर देखने में आ रहा है कि भारत इजिप्ट के साथ अपने संबंधों को दोबारा से सन स्थापित करने और उसमें एक नई दुनिया धरने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पद पर चल पड़ा है।

और यूक्रेन की जंग के परिणाम स्वरूप इजिप्ट में फूड क्राइसिस बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है जिस को ध्यान में रखते हुए भारत ने 61000 टन गेहूं एक्सपोर्ट किया है। सऊदी अरब ने हाल ही में मिश्र को 5 अरब डॉलर नए कर्ज के तौर पर प्रदान किए हैं।

Hajj Yatra 2023: 26 जून से 1 जुलाई तक चलेगी हज़ यात्रा, 1.50 लाख से अधिक यात्री इस साल कर पाएंगे हज़

All India Scholarship 2023: 1 से PG के सभी छात्रो को मिलेगी 75000 रुपए की छात्रवृत्ति, ऐसे करें आवेदन

इजिप्ट की करेंसी पाउंड में मार्च सन 2022 से अब तक 50% की गिरावट देखने में आई है, परंतु उसके मित्र दोस्तों ने उसे डिफॉल्ट होने से बचाए रखा है। इजिप्ट में महंगाई दर 25% तक रखी गई है। इसके साथ साथ विदेशी कर्ज अरब $170 तक पहुंच चुका है।

SSCNR

Leave a Comment